
घोष प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का शारदा तट पर बसी रामनगरिया में हुआ शंखनाद
हजारा। शारदा नदी के तट धनाराघाट पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा घोष प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का शंखनाद हुआ। इसमें आनक, शंख, वंशी, प्रणव आदि वाद्य यंत्रों को बजाने का अभ्यास कराया जाएगा।
जनपद के पूरनपुर तहसील क्षेत्र उत्तराखंड से निकली शारदा नदी बह रही है। माघ मास में पूरे देश में गंगा स्नान का बहुत महत्व है। पीलीभीत जनपद के पूरनपुर तहसील में बह रही शारदा नदी पर साधु संत एक माह तक कल्पवास कर गंगा स्नान करते हैं। देश की अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर पवित्र पावन मां शारदा नदी की गोद में बैठकर साधना करते हैं। माघ मास की अमावस्या को विशाल मेला लगता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त घोष प्रमुख ललित के द्वारा पांच दिवसीय घोष के शिक्षकों का प्रशिक्षण का शंखनाद हुआ है। सभी प्रशिक्षक प्रशिक्षण वर्ग हेतु महंत राघवदास महाराज के पंडाल में पहुंचे जहां पूज्य संत राघवदास महाराज गत एक जनवरी से साधना कर रहे हैं। इसमें प्रशिक्षक अपने अपने वाद्ययंत्र प्रणव, शंख, वंशी आदि का अभ्यास करेंगे। वर्ग में प्रशिक्षक उदय, किरण, ध्वजारोपणम आदि रचनाओं अभ्यास कराया जाएगा। इस अवसर पर रविन्द्र कुमार नन्द, जिला शारीरिक प्रमुख अजय कुमार, डा जितेन्द्र वर्मा, खण्ड घोष प्रमुख पारितोष, महंत राघवदास जी, भाजपा महामंत्री महादेव गाइन, शिवम् , उपखण्ड कार्यवाह देवेन्द्र आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
