पूर्व सैनिक पिटाई प्रकरण : पूरनपुर कोतवाल भी लाइन हाजिर, दूसरे जिले की पुलिस करेगी विवेचना, बड़े अधिकारियों पर भी गिर सकती है गाज
पीलीभीत। पूर्व सैनिक रेशम सिंह कि पुलिस द्वारा पिटाई करने एवं अमानवीय यातनाएं देने के मामले में पूरनपुर के कोतवाल सुनील शर्मा को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके अलावा पूर्व सैनिक व पुलिस द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमों की विवेचना दूसरे जिले की पुलिस करेगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी पूरनपुर से भी जांच हटाकर सीओ सिटी को सौंप दी गई है। इस मामले के राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने और भारतीय सिख संगठन द्वारा सोमवार तक

पुलिस को कार्रवाई का अल्टीमेटम देने के बाद कार्रवाई तेज हुई है। पहले आरोपी दरोगा रामनरेश सस्पेंड हुआ। दो उप निरीक्षक व छह सिपाहियों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ और शाम को पूरनपुर कोतवाल सुनील शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया गया। सुनिए इस पूरे मामले में क्या बोले पुलिस अधीक्षक किरीट सिंह राठौर-
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पूर्व सैनिक रेशम सिंह को अमानवीय यातनाएं देने में 2 दारोगा व 6 सिपाहियों पर मुकदमा, सिख संगठन लामबंद, दी आंदोलन की धमकी, लाइव देखिये वीडियो*
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पुलिस अधीक्षक स्टाफ को बचाने में जुटे
इस पूरे प्रकरण में पुलिस के बड़े अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बनी हुई है। जिस दिन यह घटना हुई थी उस दिन पुलिस अधीक्षक किरीट सिंह राठौर ने अपनी वीडियो वाइट जारी करते हुए कहा था कि रेशम सिंह जबरन मतगणना स्थल पर जबरन घुसने का प्रयास कर रहा था। जबकि आज की उपरोक्त बाइट में उनके स्वर बदले हुए नजर आए। हालांकि अभी भी वे पुलिस कर्मियों का पक्ष लेते हुए नजर आ रहे हैं। अगर बड़े अधिकारी निष्पक्षता से पहले दिन ही कार्रवाई करते तो यह प्रकरण इतना तूल नहीं पकड़ता। अब देखना यह है कि अधीनस्थों को बचाने के चक्कर में कहीं बड़े अधिकारी भी तो लपेटे में नहीं आ जाएंगे।
दूसरे दरोगा व सिपाहियों को नहीं किया सस्पेंड
पुलिस अधीक्षक ने दरोगा रामनरेश को तो सस्पेंड कर दिया परंतु माधोटांडा थाने के दूसरे उपनिरीक्षक जो पूर्व सैनिक द्वारा दर्ज कराए मुकदमे में नामजद है पर अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है। उन पांच छह सिपाहियों पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है जो मुकदमे में नामजद हैं। माना जा रहा है कि इन्हें बचाने के चक्कर में अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है।
किसके आदेश पर पूरनपुर खटीमा रोड पर पुलिस ने रोका था यातायात
पूरनपुर खटीमा रोड अंतर राज्जयीय मार्ग है जो दो राज्यों को जोड़ता है। इस स्टेट हाईवे पर पूरनपुर पुलिस ने किसके आदेश पर आवागमन रोका था। मतगणना पूरनपुर मंडी के अंदर हो रही थी परंतु रोड पर आवागमन बंद क्यों किया गया। अगर रूट डायवर्ट किया गया तो माधव टांडा से ही फौजी को दूसरे रूट पर क्यों नहीं भेजा गया अथवा चेतावनी बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए। इन सब सवालों के जवाब भी पुलिस नहीं दे पा रही है। माना जा रहा है पुलिस ने यह सब कुछ तानाशाही के चलते ही कर डाला।

