धान खराब होने में बीमा कंपनी से मांगा मुआवजा, सीएम को भेजा पत्र

पीलीभीत। जनपद में धान की पी आर 113 किस्म में लगी बीमारी से दाना खराब हो रहा है। बालियां तो आ रही है लेकिन दाना गायब होता जा रहा है। ऐसे में किसानों की नींद उड़ी हुई है । कृषि वैज्ञानिक व कृषि विभाग के अधिकारी इस समस्या को नहीं पकड़ पा रहे हैं । किसानों की मांग है कि उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय फसल बीमा योजना से फसल का मुआवजा दिलवाया जाए। हर साल बीमा कंपनियां करोड़ों रुपया प्रीमियम वसूलती हैं लेकिन किसानों को मुआवजा नहीं दिया जाता। कलीनगर क्षेत्र के किसानों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र पूसा नई दिल्ली और पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की टीम भेजकर धान में लगी बीमारी की जांच कराने और बीमा कंपनी से मुआवजा दिलवाने की मांग की है। देखिए किसानों द्वारा भेजा गया पत्र-

इससे पहले भारतीय राष्ट्रीय किसान यूनियन के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष मनजीत सिंह अधिकारियों से बात करके फसल बीमा योजना से किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग कर चुके हैं। बीमा कंपनी के उपेक्षा करने से किसानों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। पूरनपुर व अमरिया तहसील सहित कई जगह धान में बीमारी लगी हुई है और काश्तकार खून के आंसू रो रहे हैं।

सवाल यह भी पुरानी प्रजाति को कौन कर रहा है प्रोत्साहित, क्यों नहीं लगाया प्रतिबंध?

कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि पी आर 113 प्रजाति 24 वर्ष पुरानी है और इसी कारण इस में इस तरह की समस्याएं आ रही हैं। तो फिर सवाल यह भी उठता है कि इस प्रजाति को अभी तक सरकार ने प्रतिबंधित क्यों नहीं किया। इस प्रजाति का धान का बीज कौन बेच रहा है । सरकारी बीज बिक्री केंद्रों पर भी पी आर 113 धान बेचा गया। अगर इसमें दिक्कत थी तो इसे प्रतिबंधित किया जाना चाहिए था लेकिन इन सवालों का जवाब किसी पर भी नहीं है।

रिपोर्ट-शत्रुघ्न पांडेय

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