योगी जी यूरिया के बिना कैसे बढ़ेगा धान का उत्पादन, मोदी जी ऐसे कैसे दुगनी होगी अन्नदाता की आमदनी

बदहाल किसान
#यूरिया_की कालाबजारी

जिला पीलभीत उत्तर प्रदेश का कृषि बाहुल्य जिला है।यहां के लोगों की आजीविका का मुख्य साधन कृषि है।पीलीभीत जिले मे मुख्यतः गन्ना, धान,गेहूँ और अल्पमात्रा में सरसों तथा अन्य फसले होती हैं। वर्तमान में खरीफ की फसलों के अंतर्गत धान और गन्ना की फसल खेतों में लगी हुई है। बारिश न होने के कारण सूखे की मार झेल रहे किसानों की उर्वरक की अनुपलब्धता दोहरी मार दे रही है। धान की फसल के लिए नाइट्रोजन की बहुत आवश्यकता होती है परंतु वर्तमान में पूरे जिला पीलीभीत में यूरिया किसानों की पहुंच से बहुत दूर है। कालाबाजारी में यही यूरिया 150 से 200 रुपये महँगी दी जा रही है तथा यूरिया के साथ जिंक या अन्य कृषि दवाएं लेने के लिए किसानों को मजबूर किया जा रहा है। पहले से ही गन्ने का पिछला भुगतान न होने के कारण किसान कर्ज में दबे है और अब अन्य आबश्यक उवर्रक ना मिलने के कारण खरीफ़ की फसल खराब हो रही है। पर इन किसानों की सुनने वाला कोई नहीं है। सबाल यह है कि योगी जी यूरिया की किल्लत कब खत्म होगी और मोदी जी इस तरह अन्नदाता की आमदनी तो बढ़ने से रही। धाराएं हटाने से कुछ फुर्सत मील तो यूरिया की किल्लत भी हटा दीजिये सर।

-अवनीश

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