
गौढियाँ फूंकने में कार्रवाई नहीं, विरोध में पीड़ितों ने किया प्रदर्शन
हजारा( पीलीभीत) : ।गौढियों में पशुओ की आग से जलकर मरे पीएम रिपोर्ट में खुलासा हो गया परन्तु प्रशासन दोषी वनकर्मियों के खिलाफ कार्रवाही नहीं कर रहा है। इससे खफा लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर न्याय की गुहार लगायी है।
थाना हजारा इलाके में शारदा किनारे खाली पड़ी भूमि पर सालो से गौढियां चल रही है। 14 जनवरी को वन विभाग ने खाली कराने के लिए एसडीओ पलिया डीबी सिंह अधीनस्थों के साथ सुबह मुरैनियां गौढी, धनाराघाट, टाटरगंज में पहुंच गए। आरोप है वन टीम ने झालों में आग लगा दी। पशुओ के अलावा 30-40 आशियाने जला दिए। इससे झालो में बंधे गाय भैस जिंदा जलकर मर गए। कई पशु झुलस कर घायल हो गए। घटना के बाद पीड़ितों ने घटनाओ की चार तहरीर हजारा थाने में देकर कार्रवाही की मांग की। तहरीर मिलने पर थाना इंचार्ज सुरेशपाल ने उच्चधिकारियों को सूचना दी। घटना के बाद वन चीफ नार्थ खीरी डीएफओ, सीओ पूरनपुर ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। वन विभाग ने मृत पशुओं का गांधीनगर के पशु चिकियसक डां सौरभ सिंघानियां से पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दो पशु कई दिन पूर्व मरने एवं दो पशुओं की आग से झुलसने से मौत होने की रिपोर्ट दी। गौढी संचालकों ने वन विभाग टीम द्वारा आगजनी की घटना को अंजाम देने के बयान दर्ज कराएं। पोस्टमार्डम में आग से मरने की रिपोर्ट आने के वावजूद कार्रवाही नही हो रही है। इससे खफा पीडितों ने विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की। विरोध प्रदर्शन करने में प्रमुख रूप से ओमप्रकाश, राममूर्ति, समीउद्दीन, मों हलीम, खलील अहमद, रफीक अहमद, जियाबुद्दीन, हाजी नत्थू, राजू, असीर अहमद, मुखतियार समेत तमाम लोग शामिल रहे।
रिपोर्ट-बबलू गुप्ता

