
सिंचाई विभाग ने नहर की सिल्ट सफाई में भ्रष्टाचार की गंगा बहाई, डीबी फीडर से 10 करोड़ की रेत खिंचाई, मिल बांटकर खाई गई मलाई
श्रमदान घोषित कर डीबी फीडर से निकाली गई 10 करोड़ की रेत
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता का कारनामा
पीलीभीत। शारदा सागर खंड के अधिशासी अभियंता ने बड़ा खेल कर दिया। अमरिया क्षेत्र में बहने वाली डीवी फीडर की सिल्ट सफाई के लिए टेंडर तो कई बार निकाले गए लेकिन षड्यंत्र के तहत किसी भी ठेकेदार ने टेंडर नहीं डालें ऐसे में अधिशासी अभियंता ने सिल्ट सफाई के कार्य को श्रमदान घोषित कर दिया। बस फिर क्या था पोकलैंड और जेसीबी मशीने लगाकर डीबी फीडर का सीना चीर कर नहर को नदी बना दिया गया। फीडर से निकाली गई करोड़ों रुपए की रेत को खनन माफियाओं द्वारा कई स्थानों पर डंप किया गया है जिसे अब बेचने की तैयारी की जा रही है इस मामले में जिला प्रशासन की भूमिका से भी इंकार नहीं किया जा सकता। डयूनी डैम से निकलकर कस्बा अमरिया होते हुए जाने वाली डीबी फीडर में सिल्ट अधिक होने के कारण इसकी सफाई का ताना-बाना बुना गया।
यह जारी किए गए थे टेंडर
शारदा सागर खंड के अधिशासी अभियंता ने सिल्ट सफाई के लिए बाकायदा टेंडर जारी किए। इसमें फीडर के 1 किलोमीटर से 2.100 किलोमीटर तक 2.100 से 4.320 तक 5.235 से 12600 तक 12610 से 20 400 तक इसी तरह बाईपास चैनल के किलोमीटर जीरो से 3.220 तक के टेंडर जारी किए गए। इसके लिए 1 नवंबर से 6 नवंबर तक टेंडर ऑनलाइन मांगे गए 6 नवंबर को इन्हें खोलने की तिथि निर्धारित की गई लेकिन बताया जाता है की सांठगांठ के चलते किसी भी ठेकेदार ने टेंडर नहीं डालें जिस पर इन टेंडरों को तीन बार निरस्त होना दिखा दिया गया।
श्रमदान घोषित करके किया गया मोटा खेल
इसके बाद अधिशासी अभियंता ने इस पूरे कार्य को एक षड्यंत्र के तहत श्रमदान घोषित कर दिया। बस फिर क्या था खनन माफियाओं ने पूरे नवंबर माह तक इस नहर में पोकलैंड और जेसीबी मशीनों को उतार दिया बताते हैं कि दिन-रात नहर की सफाई कर हजारों घन मीटर रेत को निकाला गया इस रेत को एकत्र करने के लिए बाकायदा खनन माफियाओं ने नहर से सटे तमाम खेतों को किराए पर लेकर वहां रेत को एकत्र किया और रेत के पहाड़ बना दिए। अब लगभग 10 करोड़ की इस रेत को बेचने की तैयारी की जा रही है। बताया जाता है कि इस खेल में सिर्फ अधिशासी अभियंता नहीं बल्कि सत्ता का बरदहस्त पाए ठेकेदारों का भी एक गठजोड़ है। इसमें जिला प्रशासन की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि अमरिया क्षेत्र में दिन रात बड़े पैमाने पर पोकलैंड मशीनें और जेसीबी मशीनें लगाकर नहर को नदी बना दिया गया, अधिकारी दिन रात इस हाइवे से गुजरते रहे और उनकी नजर तक नहीं पड़ी, ऐसा संभव नहीं है। इस खेल में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में हैं।
(साभार-तारिक कुरैशी जी वरिष्ठ पत्रकार)


