रामपुर में ट्रेंकुलाइज करके पकड़े गए नेपाली हाथी, जंजीरों में जकड़ा, अमानगढ़ में छोड़ने की तैयारी

रामपुर। नैपाल के जंगलों से भटक कर भारत में आए जंगली हाथियों को आखिरकार बुध्वार की शाम को पकड़ लिया गया। वन विभाग ने क्षेत्र के नगला उदय गांव में हाथियों को जंगल में पकड़ा। दोपहर 12 बजे हाथियों को पकड़ने के लिए जिम काॅर्बेट पार्क से स्पेशलिस्ट बुलाए गए, जिन्होंने ट्रैंक्यूलाइजर

गन से हाथियों पर निशाना साधा। डॉट लगने पर हाथी बेहोश हो गए। बेहोशी के आलम में दोनों हाथियों को रस्सियों और जंजीरों से जकड़ लिया गया। इसके बाद उन्हें ट्रक में लादकर

अपने साथ वन विभाग कर्मचारी ले गए। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएससी सुरक्षा के लिए तैनात रही। किसी प्रकार की कोई अनहोनी ना हो इसके लिए एम्बुलेंस और डाक्टरों की टीम मौके पर मौजूद रही।


आतंक का पर्याप्त बन चुके दोनों जंगली हत्यारे हाथियों को वन विभाग की टीम ने आखिकार बुध्वार को पकड़ लिया। आसाम , बंगाल, उत्तराखंड , झांसी, आगरा, शाहजहांपुर

बरेली आदि से आए वन विभाग के कर्मचारियों ने जिम काॅर्बेट पार्क से बुलाए गए स्पेशलिस्ट की सहायता से हाथियों को ट्रैंक्युलाइजर गन से डाॅट लगाई। हाथियों के बेहोश होने पर

उन्हें रस्सियों और जंजीरों से जकड़ लिया गया। दोनों हाथियों को जंजीरों से बांध्कर वन विभाग अपने साथ ले जाने की तैयारी कर रहा है। डीएफओ एके कश्यप ने बताया कि हाथियों

को कई प्रदेशों की टीम और एक्सर्ट की मदद से टैक्यूलाइज कर पकड़ लिया गया है। अब हाथियों के जोड़े को बिजनौर के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में ले जाया जायेगा। आपरेशन देर रात तक चला।

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