जन्माष्टमी पर भगवान श्री कृष्ण जी की काव्यमयी प्रार्थना, जरूर सुनिये

माता यशुदा के प्यारे, अति नन्द के दुलारे,
नैन तारे देवकी के, कृष्ण छबि धाम हैं।
पाप पुंज हारी भक्त, वृन्द सुखकारी बृज ,
वीथिन विहारी श्याम, रूप अभिराम हैं ।
लीला पुरुषोत्तम की,लीला अनुपम जिन्हें,
उर में बसा के जन ,होते पूर्ण काम हैं ।
चरण शरण गहे, भगवान वासुदेव ,
देते निज लोक वे परम सुखधाम हैं ।।


रचनाकार-पंडित राम अवतार शर्मा
सभी आत्मीय जनों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं। 

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