गजरौला के गांव में बीमारी से दर्जनों पशु मरे, शुरू हुआ टीकाकरण

 

ग्राम प्रधान बीरबल के सार्थक प्रयास से पशुओं को किया गया वैक्सीनेशन

डेढ़ दर्जन पशुओं की मौत के बाद डाक्टरों की टीम ने गांव में जमाया डेरा

गजरौला। गजरौला थाना क्षेत्र के गांव में पशुओं में फैले वायरस से दो दर्जन पशुओं की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर वैक्सीनेशन और इलाज का काम तेजी से कर रही है।

महुआ गांव में पशुओं में खुरपका मुंहपका के लक्षण पाए जाने से पशु विभाग में हड़कंप मच गया गांव के लगभग दो दर्जन पशुओं की मौत हो जाने से पशुपालक परेशान है। बताया जा रहा है कि कोविड-19 महामारी के चलते दो वर्ष से पशुओं को खुरपका मुंहपका की वैक्सीन नहीं लग सकी । गजरौला के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील कुमार राठौर की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम तीन दिन से महुआ गांव में डेरा जमाए हुए। डॉक्टरों की टीम गांव के पशुओं को खुर पका मुंह पका का वैक्सीन लगा रहे हैं वहीं बुखार आदि के लक्षण दिखाई देने पर उनका इलाज भी कर रहे हैं। ग्राम प्रधान बीरबल पशु पालकों की समस्याओं के समाधान के लिए पशुओं के डॉक्टरों से संपर्क साधे हुए हैं वही उनका कहना है कि पशुओं में जो महामारी फैली है उसके निदान के लिए गांव में करीब 600 पशुओं को वैक्सीनेशन करवाया गया। डॉक्टर नीरज भारती ने बताया इलाज के बाद पशुओं में मृत्यु दर की कमी आई है।

महुआ गांव में पशुओं में खुरपका मुंह पका के लक्षण पाए गए टीम लगाकर पशुओं को वैक्सीनेशन कराया जा रहा है बीमार पशुओं का इलाज भी किया जा रहा है ।

एसके राठौर
पशु चिकित्सा अधिकारी
गजरौला।

रिपोर्ट-राकेश बाबू 

Related Articles

Close
Close
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000