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उस्ताद शायर हाजी ज़माँ खाँ कौसर पूरनपुरी के नाम से खिताब का आग़ाज

पूरनपुर। उस्ताद शायर हाजी ज़माँ खाँ कौसर पूरनपुरी के नाम से खिताब का आग़ाजएक शाम उर्दू के नाम ( शेअरी नशिस्त ) का आयोजन किया जाएगा जिसमें बड़ी संख्या में शायरों ने शिरकत की। मास्टर फ़ैय्याज़ ख़ान ग्राम प्रधान पूरनपुर देहात के दौलतकदे पर एक शाम उर्दू के नाम आयोजित किया गया जिसकी सरपरस्ती मास्टर मो० फय्याज़ खाँ साहब ने की , सदारत अल्लामा मुफ्ती वजाहत मियाँ शेरी साहब उरुज पीलीभीती ने की। मुफ्ती साजिद हसनी कादरी ने शेरो शायरी पर विस्तार से चर्चा की। संचालन मास्टर अरशद खान शेरी अर्श पूरनपुरी ने किया ।

यह बज्म यादगारे उस्ताद शायर हाजी ज़माँ ख़ाँ कौसर पूरनपुरी को समर्पित की गई। उनके नाम से एक पुरस्कार *एज़ाज़े कौसर* ( शाने पूरनपुर ) का भी आग़ाज़ किया गया। जिसे सबसे पहले उनके पुत्र नजमी खान नज्मी पूरनपुरी को मुफ़्ती वजाहत मियां शेरी , मुफ्ती साजिद हसनी , हाफिज़ नूर अहमद अज़हरी, उस्ताद शायर असलम शम्सी, मास्टर फै़य्याज़ व हाफ़िज़ असलम नूरी साहब ने भेट किया। शुभारंभ में मिसरा तरह ” ख़ुदा का शुक्र है बच्चे मिरे उर्दू से वाकिफ़ है ” पर और ग़ैर तरही कलाम पेश किये गये ….
ये जो उर्दू ज़बान है प्यारे
इसकी अपनी उड़ान है प्यारे
—असलम शम्सी पूरनपुरी
ज़ुबाँ खोलें तो महके से निकलते लफ्ज़ हैं मुंह से
ख़ुदा का शुक्र है बच्चे मिरे उर्दू से वाक़िफ़ हैं
–अरशद ख़ां अ़र्श पूरनपुरी
है ग़म वो भी मंगाते ही नहीं अखबार उर्दू का
हैं उर्दू के मुदर्रिस वो उरूज उर्दू से वाक़िफ़ हैं
–मुफ़्ती वजाहत मियाँ उरूज पीलीभीती
निभाती तल्ख़ बातों को भी नरमी से तो है उर्दू
सभी तो शान ऐसे पुरज़िया जुगनू से वाक़िफ़ हैं
–शान पूरनपुरी
गुज़र बस्ती से हो तेरा ख़बर हमको ना हो पाए
मोहब्बत के मुसाफिर हैं तेरी खुशबू से वाक़िफ़ हैं
–अनवर मुरादाबादी।


इस मौके पर मास्टर मो० फय्याज हाफ़िज़ नूर अहमद अज़हरी, मास्टर अरशद ख़ान शेरी अ़र्श पूरनपुरी, मुफ्ती साजिद हसनी, मुफ्ती नूर मोहम्मद हसनी , हाफिज असलम नूरी , इरशाद खाँ बबलू , शान पूरनपुरी, खुर्शीद कफ़गीर पीलीभीती, मौलाना समीर रज़ा बरेलवी ,अनवर मुरादाबादी, फहर पूरनपुरी, वाहिद पुरनपुरी , अमीर पूरनपुरी , हाफिज अजमल नूरी, मास्टर मो० नूर खाँ , मास्टर इस्हाक , मास्टर हसन , मो0 जफर , मास्टर जावेद अल्वी , मास्टर राजिक , प्रोफेसर डा० नदीम साहब, गन्ना कृषक महाविद्यालय के प्रवक्ता मो० शाहिद ख़ाँ, रहबर पूरनपुरी , आदि मौजूद रहे।

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