गोमती के त्रिवेणी घाट पर पाट दिए प्राकृतिक जल स्रोत, कोई पुरसाहाल नहीं

घुंघचाई। त्रिवेणी घाट घाटमपुर गोमती नदी की पर्याप्त जमीन है और बड़ा तालाब जो देखरेख के अभाव में उसके जल स्रोत पूरी तरीके से निष्प्रभावी हो चुके हैं लोगों की मांग थी इस स्थान का सुंदरीकरण कराया जाए जनप्रतिनिधियों के अलावा शासन स्तर से गोमती में आस्था रखने वाले लोगों ने अपनी मांग रखी धार्मिक स्थल पर आए दिन भंडारे मुंडन संस्कार के अलावा कई बड़े आयोजन होते हैं बरसात के दिनों में लोगों को काफी सुविधाएं होती हैं आस्थावान लोगों ने धार्मिक स्थल पर 3 सेठ डलवाने की मांग के अलावा तालाब की खुदाई पौधारोपण और जरूरी समस्याओं को शासन प्रशासन के समक्ष रखा जिन पर प्रिया मन होना चाहिए। गोमती की अविरल धारा बहाने के लिए सामाजिक संस्थाओं के अलावा प्रशासन ने भी सहयोग कर नदी की सफाई खुदाई कराई थी लेकिन लंबा दौर हो गया अब इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे फिर से गोमती खरपतवार से जग गई है और नदी की अविरल धारा का बैग अवरुद्ध हो गया है गोमती स्थल पर बड़े पैमाने पर सुंदरीकरण का कार्य किया गया था शासन की भी इच्छा थी कि गोमती के किनारे पढ़ने वाले धार्मिक स्थलों को विकसित किया जाएगा लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है त्रिवेणी घाट घाटमपुर गोमती की अपनी पर्याप्त जगह है जहां पर पौधारोपण होना चाहिए जिसके लिए विभागीय अधिकारी पैमाइश कर गए लेकिन पलट कर नहीं देखा गया वही आए दिन धार्मिक अनुष्ठान होते हैं लेकिन बरसात के कारण व्यवस्थाएं भंग हो जाती हैं लोगों की मांग थी कि यहां पर तीन सेट डलवाया जाए और गोमती नदी के सरोवर को सुव्यवस्थित करते हुए उसका सुंदरीकरण किया जाए इसको लेकर के त्रिवेणी घाट घाटमपुर के मंदिर कमेटी के प्रबंधक तंत्र के अध्यक्ष लक्ष्मण प्रसाद द्वारा कई प्रयास किए गए जनप्रतिनिधियों के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों से इस स्थान की सौंदर्य करण की मांग की गई आस्थावान लोगों का कहना है कि इस स्थान पर प्रशासन और जनप्रतिनिधि ध्यान दें जिससे हाइवे से गुजरने वाला या स्थान राजधानी की शान कहलानी वाली गोमती की कायाकल्प बेहतर तरीके से हो सकेगा।

रिपोर्ट-लोकेश त्रिवेदी

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