अमेरिका में कोरोना वायरस की दवाई बना रहे पूरनपुर के युवा वैज्ञानिक डॉक्टर भानु,, विधायक बाबूराम ने दी बधाई
कोरोना वायरस दवा विकसित कर रही अमेरिका की फार्मा को मिली बड़ी सफलता: डॉ भानु सिंह
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद के पूरनपुर से ताल्लुक रखने बाले डॉ भानु सिंह जो वर्तमान में कैलिफ़ोर्निया में रह रहे है ने बताया की अमेरिकन कंपनी गिलियड कोरोना वायरस दवा विकसित कर रही अमेरिका की फार्मा को मिली बड़ी सफलता: डॉ भानु सिंह
पूरनपुर से ताल्लुक रखने बाले डॉ भानु सिंह जो वर्तमान में कैलिफ़ोर्निया में रह रहे है ने बताया की अमेरिकन कंपनी गिलियड को कोरोना वायरस की दवा ‘रेमडेसिविर’ विकसित करने में मिली बड़ी सफलता मिली है। गिलियड ने रेमडेसिविर दवा का प्रयोग कर रहे कोरोना वायरस के मरीजों में शुरुआती क्लीनिकल परीक्षण के परिणामों को सकरात्मक बताया है।
इस समय पूरी दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना के कहर से लगातार जूझ रही है और कोरोना वायरस के मामले दुनिया भर में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जॉन हॉप्किंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देश है जिसमे मृतकों की संख्या ६० हजार को पार कर गई है और 10 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।
डॉ भानु सिंह एक विश्व विख्यात वैज्ञानिक है और बर्तमान में इंटरनेशनल फार्मा कंपनी गिलियड के दवा अनुसंधान और विकास विभाग में वरिष्ठ निदेशक (सीनियर डायरेक्टर) पर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि ‘रेमडेसिविर’ नाम की यह दवा कुछ बर्ष पहले इबोला वायरस के लिए खोजी गए थी। यह दवा कोरोना वायरस की प्रतियां बनाने से रोकती है जिससे वायरस की परिणामी प्रतियों में उनके पूर्ण आरएनए जीनोम की कमी हो जाती है, इसलिए वे स्वयं को दोहराने या अन्य कोशिकाओं को संक्रमित नहीं पाते हैं। अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फेक्शियस डिजीज ‘रेमडेसिविर’ के कोरोना वायरस के मरीजों में परिणामों की गहन समीक्षा कर रही है। परीक्षण से पता चला है कि रेमडेसिविर रिकवरी टाइम को एक तिहाई तक घटा सकती है। यह दवा बढ़ती मौतों की दर को रोक भी सकती है। इससे यह लगभग साबित हो चुका है कि यह दवा वायरस को रोक सकती है।
महामारी कोरोना से निपटने के लिए एंटी वायरल दवाओं की बुरी तरह से आवश्यक है। ऐसे समय में ‘रेमेडिसविर’ के सकरात्मक परिणामों से यह उम्मीद जताये जाते है की यह दवा कोरोना वायरस की रोकथाम में कारगर हो सकती है। डॉ सिंह ‘रेमेडिसविर’ परीक्षण के परिणामों और गिलियड की सफलता को देखकर व्यक्तिगत रूप से बहुत उत्साहित और खुश हैं। कोरोना वायरस की दवा ‘रेमडेसिविर’ विकसित करने में मिली बड़ी सफलता मिली है। गिलियड ने रेमडेसिविर दवा का प्रयोग कर रहे कोरोना वायरस के मरीजों में शुरुआती क्लीनिकल परीक्षण के परिणामों को सकरात्मक बताया है।
इस समय पूरी दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना के कहर से लगातार जूझ रही है और कोरोना वायरस के मामले दुनिया भर में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जॉन हॉप्किंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देश है जिसमे मृतकों की संख्या ६० हजार को पार कर गई है और 10 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।
डॉ भानु सिंह एक विश्व विख्यात वैज्ञानिक है और बर्तमान में इंटरनेशनल फार्मा कंपनी गिलियड के दवा अनुसंधान और विकास विभाग में वरिष्ठ निदेशक (सीनियर डायरेक्टर) पर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि ‘रेमडेसिविर’ नाम की यह दवा कुछ बर्ष पहले इबोला वायरस के लिए खोजी गए थी। यह दवा कोरोना वायरस की प्रतियां बनाने से रोकती है जिससे वायरस की परिणामी प्रतियों में उनके पूर्ण आरएनए जीनोम की कमी हो जाती है, इसलिए वे स्वयं को दोहराने या अन्य कोशिकाओं को संक्रमित नहीं पाते हैं। अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फेक्शियस डिजीज ‘रेमडेसिविर’ के कोरोना वायरस के मरीजों में परिणामों की गहन समीक्षा कर रही है। परीक्षण से पता चला है कि रेमडेसिविर रिकवरी टाइम को एक तिहाई तक घटा सकती है। यह दवा बढ़ती मौतों की दर को रोक भी सकती है। इससे यह लगभग साबित हो चुका है कि यह दवा वायरस को रोक सकती है।
महामारी कोरोना से निपटने के लिए एंटी वायरल दवाओं की बुरी तरह से आवश्यक है। ऐसे समय में ‘रेमेडिसविर’ के सकरात्मक परिणामों से यह उम्मीद जताये जाते है की यह दवा कोरोना वायरस की रोकथाम में कारगर हो सकती है। डॉ सिंह ‘रेमेडिसविर’ परीक्षण के परिणामों और गिलियड की सफलता को देखकर व्यक्तिगत रूप से बहुत उत्साहित और खुश हैं।
विधायक बाबूराम पासवान ने दी बधाई

डाक्टर भानु द्वारा कोविड-19 की दवाई बनाने का समाचार आज हिंदुस्तान समाचार पत्र में तहसील प्रभारी नवीन अग्रवाल द्वारा प्रकाशित किया गया। इस पर श्री भानु को बधाइयां मिलने का क्रम भी शुरू हो गया। पूरनपुर के भाजपा विधायक बाबूराम पासवान ने श्री सिंह को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह अच्छा प्रयास है। भारत के लिए भी उन्हें इसी तरह का प्रयास करना चाहिए जिससे कि अपना देश भी इस महामारी से शीघ्र मुक्ति पा सके।

