
जेसीबी से खोदे गए गहरे गड्ढे में डूब कर ग्रामीण के इकलौते बेटे की मौत, भट्ठा स्वामी के खिलाफ दी तहरीर
घुंघचाई। घर से खेलने के लिए निकला किशोर देर रात तक घर वापस नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी खोजबीन की। कड़ी मशक्कत के बाद घर के बराबर एक गड्ढे में उसका शव तैरता हुआ देखा गया जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। मामले की शिकायत भट्टा मालिक के खिलाफ पीड़ित परिवार ने की है। मांडल थाना क्षेत्र के गांव दिलावरपुर निवासी पप्पू का इकलौता पुत्र शिवम उम्र 11 साल स्कूल से पढ़ने के बाद शाम के समय घर के बराबर खेलने के लिए निकला था जो देर रात तक घर वापस नहीं आया। तो परिवार के लोग परेशान हो गए। आस-पड़ोस के लोगों को ले करके उसकी संभावित जगहों पर खोजबीन की गई लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। मामले की जानकारी रात में ही थाना प्रभारी को दी गई जिस पर पुलिस भी खोजबीन में लग गई। कड़ी मशक्कत के बाद घर से कुछ ही दूरी पर ईट भट्टा के लिए खोदे गए गड्ढे के पानी में किशोर का शव तैरता देखा गया। इससे परिवार के लोग बदहवास हो गए। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया। पीड़ित पिता की ओर से दिलावरपुर के भट्टा मालिक के खिलाफ नामजद तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने की गुहार लगाई गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजा है। थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार सिरोही ने बताया कि गांव के करीब में जेसीबी के माध्यम से गहरा गड्ढा लगाया गया था जो मौत का कारण बना। पीड़ित पिता की ओर से पुलिस को तहरीर मिली है मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
दो बहनों का इकलौता भाई था शिवम
मृतक शिवम अपने पिता का इकलौता पुत्र था। दो बहने सोनम और शबनम हैं। घर में इकलौता होने के कारण वह सभी का दुलारा था लेकिन भाग्य को कुुुछ और ही मंजूर था। मां लक्ष्मी पूछ रही है कि काश भट्टा मालिक ने गांव के किनारे जेसीबी के माध्यम से गहरा गड्ढा ना लगवाया होता तो उसका लाल आज जीवित होता। यह कह कर के रो रही है।
कम गहराई की परमिशन लेकर बना दिया गया गहरा गड्ढा, एसडीएम ने गठित की कमेटी
अवैध खनन लोगों के लिए कैसे मुसीबत का सबब बन जाता है यह इस घटना से पता लगा। एक ओर जहां मिट्टी खुदाई का काम धड़ल्ले से थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चल रहा है वही भट्टा मालिक कम जगह की एनओसी लेकर गहरे गड्ढे जेसीबी से लगाते हैं। इस मामले की पड़ताल के लिए उप जिलाधिकारी ने कमेटी गठित कर गड्ढे की गहराई का आकलन करने के लिए हल्का लेखपाल और नायब तहसीलदार हेमराज को भेजा जो अपनी रिपोर्ट देंगे। रिपोर्ट-लोकेश त्रिवेदी


