
स्कूली बच्चों ने शारदा सागर जलाशय पर देखे विदेशी मेहमान पक्षी
पीलीभीत। बर्ड फेस्टिवल 2019 में आज विद्यालय के बच्चों ने शारदा सागर बांध में पक्षियों को देखा। बराही रेंज के चूका कोठी के पास गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित बर्ड आर्ट कान्टेस्ट में सीनियर वर्ग में इवीडिता अंसारी तथा जूनियर वर्ग में तुलसी रानी विश्वास ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप मे मुख्य वन संरक्षक अरविंद गुप्ता मौजूद रहे।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व ओर पीलीभीत वन एवं वन्यजीव प्रभाग के सँयुक्त तत्वावधान में आज विश्व वेटलैंड डे के अवसर पर बर्ड फेस्टिवल 2019 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के पहले चरण में 200 से अधिक बच्चो को तीन ग्रुप में बांट कर उनके ग्रुप लीडर बनाये गये। इनमे एक ग्रुप पक्षी विशेषज्ञ अख्तर मियां के नेतृत्व में, दूसरा ग्रुप वाइल्डलाइफ ट्रस्ट के ओमप्रकाश मिश्र के और तीसरा ग्रुप वन्यजीव विशेषज्ञ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री के नेतृत्व में रवाना किया गयदि।
तीनो ग्रुपों के बच्चों ने 20 से लेकर 25 प्रजातियों के पक्षियों को देखा। इनके नाम और इनकी विशेषता के बारे में ग्रुप लीडरो ने बताया। इनमे प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों भी शामिल थी।
वहां भृमण के बाद सारे दल वहा से चूका कोठी पहुचे। यहां कल कराई गई बर्ड आर्ट कॉन्टेस्ट के चित्रो की प्रदर्शनी लगाई। निर्णायक मंडल ने इनमे दो वर्गों के विजेताओं का चयन किया। इसमे सीनियर वर्ग में इवीडिता अंसारी ने प्रथम, अलीशा खां ने दिवतीय ओर सिमरनजीत सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा दो प्रतिभगियों आरती बाबा, उन्नति को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया। जूनियर वर्ग में तुलसी रानी विश्वास, राहुल कुमार और प्रिया कुमारी क्रमश प्रथम तीन स्थान पर रहे। ताप्ती मजुमदार और वर्ष्टि मंडल को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
पुरस्कार वितरण से पहले मुख्य वन संरक्षक रुहेलखंड क्षेत्र अरविंद कुमार गुप्ता ने कहा कि आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है जहां अंतरराष्ट्रीय नमी भूमि दिवस के साथ साथ बर्ड फेस्टविल डे भी है। हमारे इको सिस्टम में प्रतेयक जीव की भूमिका है। पक्षी, वन्य जीव,पौधे व वनस्पतियों के अलग अलग कार्य है। हमे यह समझना है। उन्होंने बनाये गए चित्रो की सराहना की।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशक डॉ एच् राजमोहन ने चीनी स्पेरो चिड़िया की कहानी बताते कहा कि यह चिडिया वहां अधिकता में हो गई थी। उसको मार दिया गया। परिणाम यह निकला कि वहा शुरआती सालो में अन्न उत्पादन बढा फिर घटने लगा। कारण पता लगा कि चीनी स्पेरो के खत्म होने से यह स्थिति पैदा हुई थी। फिर उसको मारने पर प्रतिबंध लगा। हमें पक्षियों का संरक्षण भी करना है।
इससे पूर्ब उप निदेशक आदर्श कुमार ने अतिथियो का स्वागत करते हुए आज के दिवस की उपयोगिता बताई। पीलीभीत वन एवं वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय निदेशक संजीव कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। का संचालन वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री ने किया। कार्यक्रम में अख्तर मिया, ओमप्रकाश मिश्रा के अलावा महफूज़ अंसारी, अनुरीत, कृष्णा रे,तुलसी रानी रोमेश मलिक ने भी अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी पूरनपुर प्रवीण खरे, दिलीप श्रीवास्तव, शेवता सेन, रेंजर गिरराज सिंह, वजीर हसन सहित कई वन अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
(द्वारा-अग्निहोत्री जी, वरिष्ठ पत्रकार)



