मुसलमान अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सच्चे दिल से कुबूल करें – मुफ्ती साजिद हसनी

पीलीभीत। मुफ्ती साजिद हसनी ने कहा पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद अलैहिस्सलाम ने हमे ये तालीम दी है कि मुल्क से मोहब्बत ईमान का एक हिस्सा है । मुसलमान जान दे सकता है मगर अपने मुल्क की एकता, अखण्डता, कौमी यकजहती और आपसी प्यार मोहब्बत पर कोई आंच नहीं आने देगा। इस्लाम अम्न-ओ-षान्ति का मज़हब है और प्यार मोहब्बत की ही तालीम देता है। हमे ये बात याद रखनी चाहिये कि हमें इसी देश मे मिलजुल कर रहना है और यहीं मरना और यहीं जीना है
हमे सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानना है और अपने देश के माहौल को पुर अम्न बनाये रखना है।
मुफ्ती साजिद हसनी ने अपील की है कि वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानते हुए अम्न-ओ-अमान कायम रखें और किसी किस्म की बद अम्नी व अषान्ति न फैलने दें। बाबरी मस्जिद राम जन्म भूमि पर फैसला किसी की हार और किसी की जीत नहीं इसलिये अपनी जीत पर न कोई जष्न मनाए और न हार पर कोई अफसोस। ये फैसला एक ऐतिहासिक फैसला है।
उच्चतम न्यायालाय के फ़ैसले पर देषवासियों का विष्वास, सम्मान और अम्न-ओ-अमान की बहाली से पूरे विष्व में कानून की बालादस्ती होगी और भारत का सर ऊंचा होगा।
मेरी खासतौर पर समाज के नौजवानों से अपील की है कि वो अफवाहों पर ध्यान न दें सोषल मीडिया, फेसबुक,व्हाट्सएप्प का ग़ैर ज़रूरी इस्तेमाल न करें खासतौर पर फेक न्यूज़ शेयर न करें और अपने रोज़ मर्रा के कामों में मसरूफ रहें।

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