गोमती के त्रिवेणी घाट पर सुखा दिए गए रोपित पेड़, उठी जांच की मांग

पूरनपुर। आदि गंगा गोमती को पीलीभीत जिले की पहचान तो कहा जाता है लेकिन जनपद के लोग खुद इस पहचान को कायम नहीं रखना चाहते। अधिकारी भी ऐसे लोगों का साथ निभा रहे हैं। गोमती नदी के उद्गम के बाद सबसे सुप्रसिद्ध त्रिवेणी घाट घाटमपुर में हाईवे निर्माण एजेंसी द्वारा घाट को समाप्त कर दिया गया और जल स्रोत सूखा दिए गए। यहां घाट के दोनों तरफ पड़ी सरकारी जमीन पर भी कब्जा हो गए हैं और लोग फसलें उगा रहे हैं। गाटा संख्या 54 की जमीन पर पौधारोपण कराया गया था इसे कब्जेदारों ने सुखा दिया है।

घाट पर स्थित ठाकुरद्वारा मंदिर के प्रबंधक लक्ष्मण प्रसाद वर्मा ने जिलाधिकारी से जांच की मांग करते हुए पेड़ सूखाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने दुबारा पौधारोपण कराकर सरकारी जमीन को कब्जे में लेने और घाट को विकसित करने की भी मांग उठाई है। श्री वर्मा का आरोप है कब्जेदार गोमती नदी की जमीन को भी नहीं छोड़ना चाहते।

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