फिरसाह मीरपुर में शीशम के दो वृक्ष गायब, आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू
महंत और प्रधान के बीच तल्खी
बिलसंडा। थाना क्षेत्र के गांव फिरसाह मीरपुर में बेशकीमती शीशम के दो वृक्ष काट कर गायब कर दिए गए है। इस मामले को लेकर श्री दशनामी जूना अखाड़े के सचिव और प्रधान के बीच भी तल्खी हो गई। महंत ने प्रधान सहित दो के खिलाफ थाने में प्रार्थना पत्र देकर कार्यवाही की मांग की है।
बताते है, कि गांव में नहर के किनारे दो शीशम के वृक्ष काट लिए गए, जिनकी लकडी भी गायब हो गयी। वृक्ष काटे जाने की सूचना पर वन कर्मी और नहर विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच गये, लेकिन शीशम के वृक्ष नहर विभाग के नहीं पाए गए। वृक्ष प्रधान मंजीत सिंह के खेत में होना पाए गए। वृक्ष का परमिट वन विभाग से भी नहीं लिया गया और वृक्ष काट लिए गए। वृक्ष किसने काटे इस मामले की जांच की जा रही है और वन विभाग लकड़ी बरामद करने का प्रयास कर रहा है। चूंकि यह मामला श्री दशनामी जूना अखाड़े के सचिव बाबा सत्यगिरि महाराज ने फोन पर डीएफओ के समक्ष रखा है, इसलिए वन कर्मियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। इन वृक्षों के कटान में गांव का रोजगार सेवक भी लपेटे में आता नजर आ रहा है। वृक्ष काटे जाने को लेकर सत्यगिरि महाराज और प्रधान मंजीत सिंह के बीच भी तल्खी बढ़ गयी है। महंत सत्यगिरि ने थाने में प्रधान के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया है जिसमें आरोप है कि प्रधान और उनका एक अन्य साथी वृक्ष कटा रहे थे जब मना किया तो अभद्रता करते हुए धमकी दी। इधर प्रधान ने वृक्ष उसके द्वारा काट लिए जाने से इंकार किया और आरोप लगाया कि उसके लोगों ने बाबा पक्ष को वृक्ष काटने से रोका तो उसके खिलाफ झूठा षंडयंत्र रचा जा रहा है।
रिपोर्ट-मुकेश सक्सेना एडवोकेट*


