श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में रहा था बिलसंडा का अहम योगदान, सैकड़ों लोग गए थे जेल

डा कृष्ण लाल आर्य सहित सैकड़ों गए थे जेल

*रासुका भी किए गए थे निरूद्व*

*बिलसंडा*। श्रीराम जन्मभूमि का भव्य मंदिर बनाने जा रहा है, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 5 अगस्त 2020 को अयोध्या पहुंच कर आधार शिला रखेगे। यह हर्ष का विषय है। उस समय देश से लेकर विदेश तक श्रीराम जन्मभूमि का परचम लहरायाथा तो वर्ष 1990 के हालत ही कुछ अलग थे।हर हिंदू अपने राम के लिए जीवन निछावर करने को आतुर था।बस हर किसी को श्रीराम का मंदिर चाहिए था। किसी ने जीवन राम के नाम कुर्बान कर दिया, तो किसी ने लाठियां खाई और जेल की सलाखों के पीछे प्रताड़ना झेली। आज सर्वोच्च न्यायालय ने श्रीराम जी की जन्म स्थली को दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद यथाचोति निर्णय लेकर श्रीराम जी के भव्य मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया और बहुत ही खुशनसीब घड़ी आज आ गई जब देश के मुखिया 5 अगस्त को श्रीराम जन्मभूमि की आधार शिला रखेगे। श्रीराम के लिए देश विदेश के तमाम भक्तों ने त्याग तपस्या का परिचय दिया था। जिसमें देश के लोगों के साथ बिलसंडा के लोगों ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। सैकड़ों की तादाद में श्रीराम भक्त जेल गए और पुलिस की लाठियां भी खाई। राम जन्मभूमि आंदोलन में बैसे तो नगर से तमाम लोग शामिल हैं,जिनका त्याग रहा है। उनमें से ऐसे भी दो लोग हैं जिन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। जिसमें एक डा कृष्ण लाल आर्य और दूसरे कृपाराम श्रीवास्तव शामिल हैं। हालांकि कृपाराम श्रीवास्तव इस दुनिया में नहीं है फिर भी इस मौके पर उनके आंदोलन की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। डा कृष्ण लाल आर्य से इस बाबत वार्ता हुई। डा कृष्ण लाल आर्य पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नजदीकी लोगों में थे और 1990 के इस राम जन्मभूमि आंदोलन में जेल भी जा चुके हैं और उन्हें रासुका में भी निरूद्व किया गया था। इन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। उस दौरान आन्दोलन के समय आई चरण पादुकाओं को लेकर गांव गांव विचरण किया। ज्योति यात्रा भी ब्लाक क्षेत्र के गांवों में लेकर पहुंचे थे। आंदोलन के दौरान उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर बदायूं जेल भेजा था और रासुका भी लगी फिर उसके बाद बिलसंडा के सैकड़ों लोगों श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में पीलीभीत और बदायूं की जेल भेजे गए। आंदोलन के समापन के बाद ही यह रिहा किए गए थे। कुल मिलाकर बिलसंडा का श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में अहम योगदान रहा था।
*रिपोर्ट मुकेश सक्सेना एडवोकेट*

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