मनरेगा में घपला : फर्जी फर्म बनाकर ग्राम पंचायतों से भुगतान निकालने और बाहर के मजदूरों के नाम पर भुगतान निकालने में फंसे अमरिया के एपीओ व तीन रोजगार सेवक
पीलीभीत। अमरिया ब्लॉक में तैनात अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अजय कुमार ने 3 रोजगार सेवकों के साथ मिलकर मनरेगा में बाहर के मजदूरों को काम देने के नाम पर सरकारी धन ठिकाने लगाया। इसके साथ ही फर्जी फर्म बनाकर भी ग्राम पंचायतों से उन्हें भुगतान करके सरकारी धन का दुरुपयोग किया व अपने लाभ के लिए प्रयोग किया।

शिकायतों के बाद मनरेगा उपायुक्त मृणाल सिंह ने इस मामले की रिपोर्ट उपरोक्त अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी व तीन रोजगार सेवकों के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार की सुसंगत धाराओं में दर्ज कराई है।
F.i.r. में भी खेल एपीओ को लिख दिया रोजगार सेवक
पुलिस में f.i.r. में अजय कुमार को भी सिसैया का रोजगार सेवक ही दिखाया। इससे आरोपी को कोर्ट में राहत मिल जाएगी। शायद अफसरों ने भी इस बात पर गौर नही किया। देखिये एफ आई आर की प्रति-

दूसरी प्रति

एपीओ सहित सभी आरोपियो को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
आरोपियों की संपत्ति की भी हो जांच

यह कार्रवाई जिलाधिकारी पुलकित खरे द्वारा सख्त रुख अपनाने के बाद हुई है। अगर आरोपियों की संपत्ति की जांच कराई जाए तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। नबाबगंज व पीलीभीत की कोठियां अफसरों को जरूर देखनी चाहिए। एक महोदय की पत्नी भी ऐसे ही पद पर हैं।
सभी ब्लाकों में होनी चाहिए जांच
दूसरे विकास खंडों में भी इसी तरह के घपले गलत फर्म को भुगतान करने व गलत तरीके से मजदूरों को भुगतान करने के निकलेंगे। सभी ब्लाकों की जांच कराए जाने की मांग उठ रही है।
पूरनपुर में भी है एपीओ के कारनामों के चर्चे
अमरिया में पकड़े गए एपीओ अजय कुमार पूरनपुर में भी तैनात रह चुके हैं। उनके द्वारा पूरनपुर में भी ऐसे काफी मामले अंजाम दिए गए और काफी संपत्ति एकत्र की गई। एक बार तो उन्होंने कुछ प्रधानों को भी अपनी संपत्ति को लेकर चैलेंज कर दिया था। जिस पर काफी बवाल हुआ और उनका तबादला प्रधानों ने पूरनपुर से करा दिया था परंतु पूरनपुर आने को जोड़तोड़ जारी था।

