पीलीभीत आने वाले पर्यटकों के लिए तोहफे से कम नहीं होगा सिंचाई विभाग का नया पर्यटन व नौकायन केंद्र, कमिश्नर ने दी मंजूरी
सिंचाई विभाग कंजिया सिंहपुर में विकसित करेगा नया पर्यटन केंद्र
-पर्यटकों को शारदा सागर जलाशय में मिलेगी नौकायन की सुविधा, मोटरवोट से दिखाया जाएगा चूका और वन्य जीव
-पर्यटकों के रात्रि निवास के लिए हटें व गेस्ट हाउस बनाने की भी तैयारी
-मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अफसरों संग किया मौका मुआयना, दी मंजूरी
पीलीभीत। जनपद आने वाले पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें जंगल से अलग प्राकृतिक वातावरण के बीच रहने की सुविधा मिलेगी और शारदा सागर के अथाह जल में मोटर वोट से सैर करते हुए चूका पिकनिक स्पॉट व जंगल का नजारा भी वे देख सकेंगे। मोटरवोट से वन्य जीवों के दीदार का सुखद अनुभव भी मिलेगा। जी हां सिंचाई विभाग कंजिया सिंहपुर में खुद का पर्यटन केंद्र विकसित करने जा रहा है। जहां पर्यटकों के रहने और शारदा सागर जलाशय में मोटर वोट से सैर कराने की सुविधा पर्यटकों को दी जाएगी। लिंक पर क्लिक करके लाइव देखिये यह स्पॉट-
बरेली के मंडलायुक्त ने सिंचाई विभाग के बड़े अधिकारियों और जिलाधिकारी के साथ मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और इस पर्यटन केंद्र को हरी झंडी देते हुए प्रस्ताव तैयार कराने के निर्देश दिए। यह पर्यटन केंद्र खुलने से टाइगर रिजर्व प्रशासन की मनमानी पर अंकुश लगेगा और सस्ती दर पर पर्यटक निजी वाहनों से इस पर्यटन केंद्र तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की सैर सफारी गाड़ियों से होने के कारण पर्यटकों को काफी महंगी पड़ती है। क्योंकि चूका पिकनिक स्पॉट की हटें दुधवा से भी महंगी हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण के नियमों के तहत जंगल की सैर मानसून सीजन में 5 से 6 महीने के लिए प्रतिबंधित रहती है। ऐसे में पर्यटक मायूस हो जाते हैं। जंगल के मनमाने कायदे कानूनों से भी लोगों को परेशानी होती है। अब इसका तोड़ निकालने के लिए प्रशासन ने एक नया पर्यटन केंद्र पीलीभीत में विकसित करने की तैयारी कर ली है। मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने सिंचाई विभाग के मंडलीय अभियंता और जिलाधिकारी पुलकित खरे के साथ बैठक करके इस पर मंथन किया और कंजिया सिंहपुर में खाली पड़ी सिंचाई विभाग की 1.7 हेक्टेयर जमीन पर एक नया पर्यटन केंद्र विकसित करने पर सहमति दी। इतना ही नहीं मंडलायुक्त ने मौके पर जाकर इस स्थान को देखा और पर्यटन के लिए उपयुक्त माना। तय किया गया कि यहां पर बाउंड्री वॉल कराकर थारू हटें, प्रसाधन, बुकिंग केंद्र, कैन्टीन, पार्किंग व गेस्ट हाउस बनाकर पर्यटकों के ठहरने व जलपान की व्यवस्था कराई जाए। इसके साथ ही मोटर वोट से नौकायन की सुविधा भी पर्यटकों को उपलब्ध कराई जाएगी। पर्यटक मोटर वोट से 22 किमी लंबे और 5 किमी चौड़े शारदा सागर जलाशय की सैर करते हुए चूका पिकनिक स्पॉट और जलाशय से सटे जंगल को भी निकट से निहार सकेंगे।
जंगल में मौजूद वन्यजीवों के दीदार भी पर्यटकों को मोटर वोट से ही होंगे। यह उनके लिए काफी सुखद अनुभव होगा और पर्यटक जंगली जीवों से सुरक्षित भी रहेंगे। चूका पिकनिक स्पॉट का इंट्री पॉइंट भी मोटर वोट से आने वाले पर्यटकों हेतु जलाशय तरफ से बनाने पर विचार चल रहा है। अगर यह पर्यटन केंद्र विकसित होता है तो पर्यटकों के लिए बहुत बड़ी सौगात होगी और पर्यटक काफी अच्छा महसूस कर सकेंगे। उन्हें शारदा सागर जलाशय और शारदा नदी के बीच प्राकृतिक वातावरण में रहने का मौका मिलेगा और नैनीताल की भांति कम खर्च में नौकायन का आनंद भी पर्यटक ले सकेंगे। इंट्री फीस व सफारी गाड़ियों की बुकिंग का झंझट भी खत्म होगा क्योंकि इस नए पर्यटन केंद्र हेतु निजी वाहनों से ही जाया जा सकेगा।
जलाशय की शोभा बढ़ाएगी रोड किनारे की लाइटिंग

जलाशय के तट पर बने रोड पर लाइट लगाने की भी तैयारी पर्यटकों की आमद बढ़ाने के लिए शारदा सागर खंड कर रहा है। जला के तट पर बने रोड पर बेहतर साफ सफाई करके दोनों तरफ लाइट लगवाने से रात में प्रकाश होने से जलाशय की सुंदरता और अधिक बढ़ जाएगी और पर्यटक इस तरफ खिंचे चले आएंगे। हालांकि इसके लिए विभाग पर बजट ना होना बड़ी समस्या है फिर भी कोई विकल्प निकाल कर लाइटें लगवाने पर विचार किया जाएगा।
विदेशी मेहमान पक्षियों के भी होंगे दीदार

सर्दी के मौसम में शारदा सागर जलाशय में साइबेरिया सहित कई देशों के मेहमान पक्षी यहां पहुंचते हैं। पर्यटकों को इन पक्षियों के दीदार भी हो सकेंगे। इन प्रवासी पक्षियों की कलरव पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देगी। जलाशय में मौजूद विभिन्न प्रजाति की मछलियों व मगरमच्छों को निकट से देखने का अवसर भी पर्यटकों को मिलेगा।
स्थापित होगी शारदा मैया की प्रतिमा, प्राचीन स्थल का जीर्णोद्धार होगा
रमनगरा क्षेत्र के कंजिया सिंहपुर में जहां पर नया पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी चल रही है वहां पर पुराना देव स्थल भी है जिसका जीर्णोद्धार कराया जाएगा। इसके साथ ही शारदा मैया की विशाल प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। शारदा नदी और शारदा सागर जलाशय के बीच के इस पर्यटन केंद्र का नाम भी शारदा के नाम पर ही रखने पर विचार चल रहा है। गोमती उदगम की तर्ज पर ही जनपद से गुजरने वाली शारदा नदी का प्रचार-प्रसार भी इस केंद्र के माध्यम से हो सकेगा।
बोले अधिशासी अभियंता
मंडलायुक्त ने 1 नवंबर को कंजिया सिंहपुर का दौरा करके वहां विभाग की खाली पड़ी 1.7 हेक्टेयर जमीन पर पर्यटन केंद्र विकसित करने को हरी झंडी दी है। उन्होंने इसका प्रस्ताव मांगा है। जलाशय में नौकायन की सुविधा दी जाएगी। पार्किंग व कैंटीन की व्यवस्था भी रहेगी। पर्यटकों के रहने हेतु हटें व गेस्ट हाउस बनाया जाएगा। हरिश्चंद्र यादव, अधिशासी अभियंता, शारदा सागर खंड।

