फेसबुक पर कमेंट करने पर शिक्षक को नौकरी से निकाला, मिल रहीं जान से मारने की धमकियां

पूरनपुर के शिक्षक विजयपाल पर गिरी किसान आंदोलन की गाज

-अकाल एकेडमी कजरी ने उप प्रधानाचार्य पद से जबरन लिखवाया इस्तीफा, मिलीं जान से मारने की धमकियां

-फेसबुक पर कमेंट करने से बौखलाए लोग, माफी मांगने के बाद भी नौकरी से निकालने की हो रही निंदा

पूरनपुर (पीलीभीत)। किसानों का आंदोलन दिल्ली में चल रहा है परंतु उसकी धमक पूरे देश में देखने को मिल रही है। पूरनपुर में भी एक शिक्षक को आंदोलन पर प्रतिक्रिया देना कुछ लोगों को इतना नागवार गुजरा कि एक शिक्षक को नौकरी से ही निकलवा दिया। 18 साल से सेवाएं दे रहे शिक्षक को जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। इसको लेकर शिक्षक आहत है और अब उसकी कहने वाला चंद मित्रों के अलावा फिलहाल कोई नहीं है। पूरनपुर के मोहल्ला पंकज कॉलोनी निवासी विजयपाल सिंह खुटार रोड स्थित अकाल एकेडमी कजरी निरंजनपुर में पिछले 18 साल से बतौर शिक्षक काम कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में उन्हें चीफ कोऑर्डिनेटर बनाया गया और उप प्रधानाचार्य पद की जिम्मेदारी दी गई। जिसे वे बखूबी निभा रहे हैं। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें “पहले इंदिरा को ठोक दिया और अब मोदी की बारी” जैसी बात पर विजय पाल सिंह ने अपनी फेसबुक बाल पर इसे अराजकता बता दिया। इस पर कॉलेज से जुड़े लोग एकजुट हो गए और पहले तो विजयपाल को फोन पर ही जान से मारने की धमकियां दी गईं। उसके बाद कालेज प्रशासन के साथ मिलकर विजयपाल को कालेज बुलवाया गया और पोस्ट डिलीट करने को कहा। विजयपाल ने फेसबुक से वह पोस्ट डिलीट कर दी। बाद में मांग रखी गई कि आप फेसबुक पर इस पोस्ट के लिए माफी मांगें। विजयपाल सिंह ने फेसबुक पर अपनी उस पोस्ट के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। इसके बाद भी उन्हें नहीं छोड़ा गया और उनसे जबरन यह कहते हुए इस्तीफा लिखवा लिया गया कि वे अपने परिवारिक कारणों से काम करने से असमर्थ हैं। इस सब के बाद उनके साथ गाली गलौज की गई कुछ और लोग हमलावर हो गए। इस तरह कॉलेज से अपमानित होकर आने के बाद विजय पाल सिंह डिप्रेशन में चले गए हैं और वह कॉलेज व समुदाय से जुड़े लोगों की कार्यप्रणाली से काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि उन्होंने 18 साल कॉलेज की सेवा की। कॉलेज संबंधी तमाम समस्याओं को उन्होंने कोऑर्डिनेटर व उप प्रधानाचार्य रहते सुलझाया। मीडिया से भी संबंध बनाये परंतु उनके साथ जो व्यवहार किया गया वह पूरी तरह गलत है। आज की तारीख में उनका साथ देने वाला ना तो स्टाफ में कोई है और ना ही शिक्षक संगठन उनके साथ खड़े हो पा रहे हैं। कॉलेज प्रशासन द्वारा उन्हें आरएसएस से संबंधित व्यक्ति व कट्टर हिन्दू घोषित कर दिया गया। विजयपाल कहते हैं कि आरएसएस का होना या हिंदू होना कोई अपराध तो नहीं है जो उन्होंने किया हो। एक दो मित्रों के अलावा कोई भी उनकी बात कहने को तैयार नहीं है।

कॉलेज के जिमनेदार नहीं उठा रहे फोन

शिक्षक को जबरन नौकरी से निकालने व गलत व्यवहार करने के बारे में जब अकाल एकेडमी के प्रबंधक बलवीर सिंह वीर जी व प्रधानाचार्य सिमरन कौर थिंद से चलभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो दोनों में से किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति का फोन रिसीव नहीं हुआ। जिस कारण उनका पक्ष ज्ञात नहीं हो सका।

विदेश से भी मिलीं तमाम धमकियां

शिक्षक विजय पाल सिंह को स्थानीय स्तर पर तो जान से मारने की धमकियां मिली ही उन्हें यह भी कहा गया कि उन्हें पूरनपुर में नहीं रहने दिया जाएगा। इसके अलावा विजयपाल को कई देशों से आए फोन कॉल पर भी जान से मारने व बर्बाद करने की धमकियां दी गईं। परेशान विजयपाल को अपना फोन कई दिन तक फ्लाइट मोड पर रखना पड़ा। विजयपाल कहते हैं कि उनकी कोई भी पोस्ट ऐसी नहीं है जिस पर कोई एफआईआर करा सके। अगर किसी को कोई आपत्ति थी तो वह कानूनी रूप से कार्रवाई कर सकता था परंतु इस तरह की ज्यादती से वे काफी आहत हैं। लॉकडाउन में नौकरी गंवाने के अलावा धमकियों व अपमान से वे काफी आहत हैं।

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