बरसात से सेंटरों पर खुले में पड़ा धान भीगा, किसानों की परेशानियां बढ़ीं
घुंघचाई। धान क्रय केंद्र पर खरीद व्यवस्था कछुआ गति से चल रही है। मौसम के मिजाज बदलते ही बरसात होने के बाद काश्तकारों का धान बड़े पैमाने पर खुले आसमान के नीचे पड़ा था। जो भी गया कोई भी कर्मचारी समस्या के निदान के लिए आगे नहीं आया। किसान परेशान हैं। मौसम के परिवर्तन होते ही किसानों में खरीद व्यवस्था दुरुस्त न होने के चलते रोष देखा जा रहा है। शासन द्वारा भले ही धान खरीद हेतु कड़े फरमान दिए गए लेकिन इस पर अमल क्रय केंद्र के कर्मचारी नहीं कर रहे हैं। कड़कड़ाती ठंड ऊपर से मौसम ने मिजाज बदला।रविवार को तड़के बरसात शुरू हो गई। इस दौरान साधन सहकारी समिति घुंघचाई के क्रय केंद्र पर खुले आसमान में किसानों का धान लगा था और बरसात शुरू होते ही काश्तकारों में खलबली मच गई। बरसात से बचाने के लिए उनके पास संसाधन नहीं थे। बड़े पैमाने पर धान भीग जाने से किसानों का भारी नुकसान हुआ है। वही अधिकारियों द्वारा धान खरीद की गति बढ़ाने का आश्वासन जरूर दिया गया लेकिन यह सब कछुआ गति से चल रही है। जिसके चलते क्रय केंद्र पर महज कुछ किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। जिसको लेकर के काश्तकार क्रय केंद्र के कर्मचारियों को कोसते देखे गए क्योंकि जो धान क्रय केंद्र पर खरीदा गया वह सब उठान व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण टीन सेट वाले मंडी परिसर में लगा हुआ है।

जिसके कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बड़े अधिकारियों ने भी क्षेत्र में पहुंचकर किसानों की समस्या दुरुस्त करने की बात कही लेकिन उनकी बात कोई सुनने को तैयार नहीं है। समस्या से अजीज आए किसानों में रोष देखा जा रहा है। बरसात हो जाने से किसानों का धान बड़े पैमाने पर भीग गया जो अब उसे बचाने में लगे हुए हैं। क्रय केंद्र प्रभारी वेद प्रकाश शुक्ला ने बताया कि क्रय केंद्र परिसर में टीन सेट कम मात्रा में है और अभी उठान व्यवस्था ना होने के कारण समस्या आड़े आ रही है।
रिपोर्ट-लोकेश त्रिवेदी।

