
राजनीति जॉब या धंधा नहीं बल्कि सेवा का माध्यम, उठाता रहूंगा दबे कुचलों की आवाज : वरुण गांधी
पीलीभीत। सोमवार को एक दिवसीय जनपद दौरे पर आये सांसद वरुण गांधी का सुबह नौ बजे खमरिया पुल पर कार्यकताओं ने स्वागत किया। बाद में उन्होंने ललौरीखेड़ा ब्लॉक के करीब एक दर्जन ग्रामों में जनसभाओं को संबोधित किया।

जनसमस्याऐं भी सुनीं।
ललौरीखेड़ा ब्लॉक के ग्राम कनाकोर, उमरसड, रम्पुरा उझैनिया, उझैनिया रम्पुरा, अमरगंज, खरुआ, जिरौनिया, गुटेहा, पिपरा वाले, नवदिया दहला आदि में आयोजित जनसभाओं में सांसद वरुण गांधी ने कहा कि राजनीति कोई जॉब या धंधा नहीं है बल्कि यह सेवा का एक माध्यम है लेकिन अफसोस अब राजनीति में भी व्यापारीकरण हो गया है। 90 प्रतिशत लोग राजनीति सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए करने लगे हैं।

सांसद वरुण गांधी ने कहा कि इस देश के लिए हमारे बड़ों ने बहुत कुर्बानियां दी हैं और हम इसे ऐसे बर्बाद होते नहीं देख सकते। एक साल में 700 किसान सड़क पर शहीद हो गये। भ्रष्टाचार के चलते परीक्षाओं, रोज़गार, करोबार के नाम पर लाखों करोड़ो लोगों का भविष्य अंधकार में डूब चुका है। इंसाफ मांगने वालों पर लाठियां तोड़ी जा रही है। यह देश के साथ न्याय नहीं है।
उन्होंने कहा कि हमें महात्मा गांधी जी के रास्ते पर चल कर एक ऐसा हिंदुस्तान बनाना है जो भेदभाव और जातिधर्म से ऊपर उठकर हो, जिसमें सबको आर्थिक सुरक्षा मिले और सबको ईमानदारी से बराबरी के अवसर प्रदान हों, जिसमें अयोग्य लोगों के स्थान पर काबिलियत को मौका मिले, समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और उसका हक आसानी से पहुंचे तभी भारत वास्तव में विश्वगुरु बन सकेगा।
उन्होंने कहा कि वह देश और समाज के दबे कुचलों की आवाज़ और ताक़त बनकर काम कर रहे हैं और करते रहेंगे। कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर एमएसपी पर कानून बनाने के लिए संसद में अपनी बात रखी है। इस बिल को कानून बनाने से किसानों के घरों में खुशहाली आयेगी और इससे किसानों को सुरक्षा और आर्थिक तौर पर मज़बूती मिलेगी । सांसद ने जनसभाओं के बाद लोंगो की समस्याएं भी सुनी।
जनसभाओं में प्रमुख रूप से पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, प्रभात जायसवाल, रेखा परिहार, डॉ बांके लाल गंगवार, रामनरेश वर्मा, महेश गंगवार, चेतन शर्मा, रूपेश गंगवार, अमित गंगवार, रक्षपाल सिंह, नीटू सिंह गंगवार, रमेश लोधी, सतनाम सिंह, देवेंद्र सिंह टोनी, टीटू चौहान, प्रदीप मिश्रा, राजकुमार आदि मौजूद रहे।

