फार्मर से किसान नेता बने स.जरनैल सिंह की जुबानी सुनिये पूरे 365 दिन में किसान आंदोलन में कितना झेला दर्द, किसने बोला “किसान बाबा लव यू” और किसानों की लड़ाई जीतकर लौटे तो किस अंदाज में मनाया गया जश्न

पीलीभीत। आपातकाल की भांति किसान आंदोलन भी एक ऐसा बड़ा आंदोलन था जो लोगों के लिए यादगार बन गया है। इस आंदोलन में पीलीभीत जनपद से भी काफी अधिक किसानों ने भाग लिया था। जिले की पूरनपुर तहसील के हरीपुर किशनपुर निवासी सरदार

किसान बाबा लव यू” की पर्ची दिखाते स. जरनैल सिंह, यह पर्ची दिल्ली के एक स्कूली बच्चे ने सौंपी थी, जिसे इन्होंने संजो लिया है। 

जरनैल सिंह पूरे 1 वर्ष इस आंदोलन में पत्थर की चट्टान की तरह डटे रहे।

आंदोलन के विषय में उनसे बात की समाचार दर्शन 24

के संपादक सतीश मिश्र ने

नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके सुनिए पूरी बात-

https://youtu.be/iwk-mLjN8s4

किसान नेता से बातचीत का यह वीडियो लंबा जरूर है लेकिन 1 साल का वक्त भी काफी अधिक होता है। पूरा किसान आंदोलन कैसे चला, क्या दिनचर्या रही और किस अंदाज में श्री सिंह को सम्मानित किया गया, यह सब बातें आप वीडियो को अंत तक देखने पर जान पाएंगे। आपको बता दें कि हरीपुर किशनपुर

में उनके फार्म हाउस पर किसानों ने उन्हें समारोह पूर्वक सम्मानित किया।

उनके सम्मान में एक बहुत बड़ी पार्टी आयोजित की गई जिसमें इलाके के सैकड़ों लोग शामिल हुए। श्री सिंह के पुत्र सोनू सिंह व देवेंद्र सिंह आदि ने मेहमानों का स्वागत सत्कार किया। मनचाहे व्यंजन परोसे गए। भांगड़ा पर लोग थिरके और ठेठ पंजाबी अंदर में देर तक खाने पीने का कार्यक्रम चला।

किसान नेता के रूप में उभरे सरदार जरनैल सिंह के साथ लोगों ने सेल्फी ली, फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कराई और उन्हें अपना आदर्श मानते हुए हीरो जैसा सम्मान दिया।

इससे पहले जनरल सिंह को दिल्ली से वापस आने पर जगह-जगह रोक कर सम्मानित किया गया। पूरनपुर में भी उन्हें काफी अधिक मान सम्मान मिला। जिस से वे अभिभूत हैं और कहते हैं कि भविष्य में भी कोई इस तरह का आंदोलन होगा तो जरूर जाएंगे।

लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों के घरों पर जाने की भी उनकी इच्छा है।

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