
संजीव मिश्र का गीत :”बिदा एक दिन करना तुझको, मुश्किल है मन को समझाना । घर लौटे किससे बोलूंगा, बिटिया थोड़ी चाय बनाना”
गीत–
“बिदा एक दिन करना तुझको ,
मुश्किल है मन को समझाना ।
घर लौटे किससे बोलूंगा,
बिटिया थोड़ी चाय बनाना ।।
हुआ सरगमी घर का मौसम,
जब तेरी गूंजी किलकारी ।
तुझसे ही घर घर लगता है,
सुरभित है आंगन फुलवारी ।
दूर हुआ तेरे आने से,
मेरे घर फैला वीराना ।
घर लौटे किससे बोलूंगा,
बिटिया थोड़ी चाय बनाना ।।
अपनी इच्छायें कर वश में,
मेरे थोड़े में खुश रहती ।
आशाओं के दीप जलाकर,
हंसकर आभावों को सहती ।
यदि मैं कभी रूठ जाऊं तो,
अगले ही पल मुझे मनाना ।
घर लौटे किससे बोलूंगा,
बिटिया थोड़ी चाय बनाना ।।
तू है मेरे दिल की धड़कन,
तुझ बिन कैसा होगा जीवन ।
सिहरन सी है उठने लगती,
मन में जगने लगती तड़पन ।
लाल चुनरिया वाले सपने,
फिर भी अपने नयन सजाना ।
घर लौटे किससे बोलूंगा,
बिटिया थोड़ी चाय बनाना ।।”

गीत – संजीव मिश्र ‘शशि’
पीलीभीत
मो. 08755760194

