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मदरसा शिक्षकों को 33 माह से नहीं मिला मानदेय, डीएम को सौपा ज्ञापन

पीलीभीत : मदरसा आधुनिककरण शिक्षक संघ इंडिया के बैनर तले शिक्षकों ने समस्याओं के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में छह सूत्रीय मांगो को पूरा करने की मांग की गई है।
शुक्रवार को इस्लामिक मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ आफ इंडिया के बैनर तले दर्जनों शिक्षकों ने छह सूत्रीय मांगों का मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा
ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के मदरसा आधुनिक शिक्षकों को 33 माह से मानदेय नहीं मिला है। जिससे उनके परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए। योजना पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई का सपना उनकी सरकार में अधूरा दिख रहा है। मदरसा शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए अटल बिहारी वाजपेई जी ने 1993 में मदरसों में विज्ञान शिक्षक सहित आधुनिक शिक्षकों की नियुक्ति की योजना चलाई थी। इसमें किसी भी धर्म के लोगों को शिक्षक पद पर नियुक्त करने का शासनादेश भी था। इसके अलावा हिंदू बच्चों को भी मदरसे में शिक्षा देना था। वाजपेई जी द्वारा संचालित मदरसा आधुनिकीकरण योजना मदरसों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रत्येक मदरसों में 3 शिक्षक नियुक्त किए गए थे। आलम यह है कि मदरसों में आधुनिकरण योजना उनकी सरकार में मदरसा शिक्षकों की स्थिति दयनीय है। जब कि केंद्र और राज्य सरकार भाजपा की है। आज 3 वर्षों से केंद्र सरकार ने शिक्षकों का वेतन रोक रखा है। कभी यूडाएस कभी यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट के नाम पर मदरसा शिक्षकों का शोषण हो रहा है। इससे शिक्षक व उनके परिवार भुखमरी और आर्थिक तंगी का शिकार हो रहे हैं। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जनाब नवाब हुसैन ने बताया कि भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मदरसा से संबंधित कोई भी काम सही ढंग से नहीं किया जा रहा है। 2016 से अब तक बकाया मानदेय व केंद्र सरकार को भेजे जाने वाले दस्तावेज लंबित हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित किए गए केंद्र के 60: 40 के अंश उत्तर प्रदेश सरकार कैबिनेट से मंजूरी दिलाएं जाने तथा महंगाई को देखते हुए मदरसा आधुनिक शिक्षकों का मानदेय बढ़ाए जाने की मांग की गई है। बरेली मंडल अध्यक्ष मोहम्मद आरिफ बरकाती ने बताया कि मदरसा आधुनिक शिक्षकों को विधि मान्य प्रशिक्षण दिलाकर नियमित किया जाए तथा साथ ही शिक्षामित्रों की तर्ज पर प्राइमरी शिक्षक भर्ती काउंसलिंग में लेने का मौका भी दिया जाए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मदरसों के बच्चों के एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में कंप्यूटर देने की बात करते हैं जो की फाइलों तक सीमित है। मदरसों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का आश्वासन एकमात्र मजाक बनकर रह गया है। यदि मदरसा शिक्षकों को 33 माह का बकाया मानदेय सहित अन्य समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो उत्तर प्रदेश के समस्त मदरसा आधुनिक शिक्षक जिला से लेकर लखनऊ व दिल्ली तक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों ने मोहम्मद इरफान, मोहम्मद बक्श, शकील अहमद, एजाज अहमद, शहबाज अहमद खान, मोहम्मद हनीफ, मोहम्मद अजहर, सरफुद्दीन, मौलाना अखलाक अहमद, शमशुल कमर सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।

रिपोर्ट-शैलेन्द्र शर्मा व्यस्त

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