नेफेड के तीन प्रभारियों पर केस दर्ज होने के बाद भी नहीं सुधरे हालात
घुंघचाई । नेफेड क्रय केंद्र क्षेत्र में कई जगह लगाए गए लेकिन इन क्रय केंद्रों पर खरीद की व्यवस्था बेहतर तरीके से नहीं की गई जिसके चलते क्रय केंद्र प्रभारी ने इस्तीफा दे दिया और काश्तकारों का धान नहीं खरीदा जा सका। प्रशासन द्वारा इस पर कड़ा रुख रखते हुए तहसील क्षेत्र के तीन क्रय केंद्र प्रभारियों पर मुकदमा दर्ज कर हिरासत में लेते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया। अब जब नेफेड के क्रय केंद्र प्रभारी जेल चले गए और प्रस्तावित जगह पर लगे क्रय केंद्रों पर किसानों की धान की खरीद नहीं की जा रही है जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है। डीएम पुलकित खरे से सुनिये पूरा मामला-
मामला पेचीदा और बेहिसाब जरूर लगेगा कहते हैं कि करोना काल में लोगों ने अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से हटकर धन उपार्जन के लिए अन्य कार्य क्षेत्रों में भी हाथ पैर आजमाएं ।घटनाक्रम अलबेला नहीं लेकिन व्यवस्था के कारण बदहाल हो गया। नेफेड के अंतर्गत क्षेत्र के बाजार गंज में क्रय केंद्र लगाया गया था जहां पर क्रय केंद्र प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा की नियुक्ति हुई लेकिन अधिकांश इस संस्था के क्रय केंद्रों पर धान क्रय करने की सुविधाओं का कोई संसाधन क्रय केंद्र पर नहीं लाया गया जिसके चलते क्रय केंद्र प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा राजेश सैनी सहित एक अन्य केंद्र प्रभारी ने धान खरीद से विमुख होकर अपना इस्तीफा व्हाट्सएप और खुद जिला अधिकारी से मिलकर दे दिया लेकिन जब धान की खरीद नहीं हुई तो किसान आवेश में थे और इस मामले में प्रशासन द्वारा उपरोक्त सभी क्रय केंद्र प्रभारियों पर मुकदमा दर्ज करवाया जिन्हें जेल भेजा गया । चौकी प्रभारी गौरव विश्नोई ने बताया कि प्रशासन ने लोगों को चिन्हित करके मुकदमा दर्ज कराया था उनको जेल भेजा गया है।
पेशा बदला लेकिन नहीं हो पाए फिट

कोरोनावायरस के चलते क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थान बंद हो गए। इस दौरान शैक्षिक व्यवस्था से जुड़े शिक्षकों ने परिवार के भरण पोषण के लिए धान क्रय केंद्रों पर काम करना स्वीकार कर लिया लेकिन इन सब को इन सब में महारत नहीं था जिस कारण या सब व्यवस्था से अपना सामंजस नहीं बैठए और इन पर मुकदमे दर्ज हो गए जो अब जेल भेजे गए।
रिपोर्ट लोकेश त्रिवेदी

