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बिलसंडा में महाशिवरात्रि का मेला और रफ़ीक भाई की चाय

महाशिवरात्रि पर मुकेश सक्सेना एडवोकेट की खास रिपोर्ट

बिलसंडा। महाशिवरात्रि का मेला और रफीक भाई की चाय! जी हां यह सोलह आना सत्य है। यह चाय भी कुछ चुनिंदा लोगों के लिए नहीं वल्कि सभी आगुंतक भोले के भक्तों की भारी भीड़ के लिए प्रति वर्ष पिलाई जाती है, रफीक भाई बड़े ही श्रृद्धांभाव के साथ चाय पिलाते हैं। इस चाय में न हिंदू और न मुस्लिम होने की नफ़रत होती है, बस कुछ होता है, तो भाई चारे का प्यार, जिसमें हिंदुओं की चाय की चुस्की और रफीक भाई की निःशुल्क मीठी सी चाय के साथ। रफीक भाई की चाय मेलार्थियों की सेवा में अपना पराया कुछ नहीं देखती, बस भोले के भक्तों को तलाशती हुई यह चाय हर किसी को गर्माहट दिलाती है। इस तरह के भाईचारे का नजारा पिछले कई वर्षों से महाशिवरात्रि पर्व पर जनपद पीलीभीत के थाना बिलसंडा के गांव बुधौंली स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने शिव मंदिर में लगने वाले विशाल महाशिवरात्रि मेले में देखा जा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार मुकेश सक्सेना एडवोकेट आज सपत्नीक जब महाशिवरात्रि पर्व पर बुधौंली मंदिर पहुंचे तो पूजा अर्चना के बाद मंदिर के बाहर जैसे ही निकले तो देखा कि गांव के ही रफीक भाई और उनके सहयोगी चाय लिए खड़े थे,मैंने पूछा यह चाय का प्रबंध यहां कौन कराता है, तो रफीक भाई तो खामोश दिखे, लेकिन वहां मौजूदा तमाम श्रृद्वालुओं का जबाव था, कि यह खड़े हैं, अपने रफीक भाई, जो हर साल चाय का प्रबंध महाशिवरात्रि मेले में आने वाले श्रृद्वालुओं के लिए करते हैं। रफ़ीक भाई काफी समय से मंदिर पर प्रति वर्ष मेले में चाय के साथ हिंदू मुस्लिम के भाई चारे का प्यार बांटते आ रहे हैं। इतना ही नहीं कावड यात्रा में भी अपने ट्रेक्टर ट्राली की सेवा निशुल्क देते हैं और कांवरियों को भी चाय पिलाते हैं।

जब मंदिर में की थी, मुस्लिम भाइयों ने कार सेवा

काफी पुरानी बात है, जब मंदिर बुधौली का जर्जर हो गया तो उसके जीर्णोद्धार में ईंटगांव के ठाकुर ओमेंद्र सिंह, मुकेश सक्सेना एडवोकेट पत्रकार, रामेश्वर दयाल महातिया बाबा जी, बालकराम सहित क्षेत्र के सभी लोग सामने आये। तो इस दौरान गांव के कुछ मुस्लिम भाई राजमिस्त्रियों में कुछ ने तो दहाड़ी ही नहीं ली थी और कुछ ने ली भी ली तो आधी अधूरी ली थी, यही वजह रही, कि जन सहयोग से मंदिर के अस्तित्व को बचाने लिया गया। आज भव्य मंदिर में दर्शन को भारी भीड़ आती है।

हर वर्ष बढ़ती है चमत्कारी”शिवलिंग”

बुधैली मंदिर में शिवलिंग काफी विशाल और अदभुत है। प्राचीन शिव लिंग की मान्यता है, कि यह शिवलिंग प्रति वर्ष एक सूत भर बढ़ जाती है। शिवलिंग की ऊंचाई करीब ढाई फिट होगी गहराई का कोई पता नहीं है।

जब रुहेला फौज भी हिम्मत हारी

इस मंदिर की पार्थिव शिवलिंग के संबंध में मान्यता है, कि जब रूहेलो का शासन था, तो उनके सैनिकों ने शिवलिंग को हाथियों से खिंचवाने और उठाकर ले जाने का प्रयास किया तो, वे असफल होने से हिम्मत हार कर चले गये। शिवलिंग पर उस समय की निशानदेही इसकी गवाह है।

सच्चा श्रद्वा का भाव

मंदिर में सच्चे मन से जाने वालों की मुराद पूरी होती है, ऐसी लोगों को मान्यता है। इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर भक्तों की भारी भीड़ रही, जिसने वेलपात्र, धतूरा, दूध, वेर, रोली अक्षत, चंदन प्रसाद आदि अर्पित कर मनौतियां मांगी। ईंटगांव चौकी के सिपाही सुनील कुमार फोर्स के साथ मेले में सुरक्षा की दृष्टि से मौजूद रहे। चौकी प्रभारी मनोज कुमार ने भी नजर रखी।

कीचड़ युक्त रास्ते ने छकाया

ईंटगांव से बुधौली जाने वाला मार्ग बुधौली गांव के अंदर मंदिर तक लगभग आधा किमी तक काफी जर्जर कीचड़ और दलदल युक्त होने के कारण श्रृद्वालुओं को मंदिर तक पहुंचने में काफी असुविधा हुई। इस संबंध में पत्रकार मुकेश सक्सेना एडवोकेट ने हाल ही में भाजपा विधायक रामसरन वर्मा को भी अवगत कराया था, तो उन्होंने भी मंदिर तक मार्ग बनवाने का आश्वासन दिया था।.

बिलसंडा में महाशिवरात्रि पर निकाली शिव बारात

नगर बिलसंडा में भव्य शिव बारात निकाली गयी। मनमोहक झांकियां बारात में शोभायमान थी। सर्पों की माला डाले शंकर जी का स्वरूप और माता दुर्गा काली सरस्वती, राधा कृष्ण, सीताराम आदि की झांकियां देख सभी नतमस्तक हो रहे थे। शोभायात्रा स्वामी जी श्री श्री १००८ श्री स्वामी कैलाश दास वेदांती जी महाराज के आश्रम से पूजा अर्चना के साथ शुरू हुई और पूरे नगर में विचरण करती हुई देर रात आश्रम पहुंचेगी। गजेडी भगेंडी भूत पिशाच बैंड बाजों के साथ नाच कूद करते साथ चल रहे थे। शिव बारात के स्वागत के लिए पूरे नगर को तोरणद्वारों से सजाया गया। पूरा नगर जय बम भोले की जय घोषों से गुंजायमान हो उठा।

लिलहर तीर्थ स्थल पर भी श्रृद्धालुओं का सैलाब

महाशिवरात्रि पर सुप्रसिद्ध नीलकंठ महादेव तीर्थस्थल लिलहर पर भी भारी भीड़ रही। यह के पवित्र शिव सरोवर में स्नान कर भक्तों ने प्रसाद चढ़ाया और मनौतियां मांगी। ठाकुर द्बारा मंदिर, मढानाथ महादेव मंदिर, गौरीशंकर महादेव मंदिर तिलसंडा हसौआ महादेव मंदिर सहित सभी मंदिरों पर भक्तों की अपार भीड़ देखी गई।

रिपोर्ट-मुकेश सक्सेना एडवोकेट

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