
बाइकर्स ने महिला से कुंडल लूटे, घुँघचाई पुलिस ने पीड़िता को 5 हजार दिलवाकर मामला निपटाया
घुंघचाई। दवाई लेकर पति के साथ बाइक से घर आ रही महिला के बाइक सवार लुटेरों ने कुंडल लूट लिए। पुलिस निगरानी पर थी लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं लग सका। घटनाक्रम तीसरी बार हुआ जिस पर पुलिस की गस्त व इकबाल पर प्रश्न चिन्ह लगता दिख रहा है। मामले को दबाने के लिए संदिग्ध पकड़े गए। आरोपित से समझौता करा दिया गया। पुलिस पूर्व की घटनाओं की तरह इस मामले को भी दबाने में सफल रही। जिस पर लोग सवालिया निशान लगा रहे हैं कि आखिरकार जो लोग घटनाक्रम को अंजाम देते हैं उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती और ना ही मुकदमा दर्ज किया गया।
बलरामपुर चौकी क्षेत्र के गांव पुन्ना पुर टांडा निवासी नेत्रपाल की पत्नी शिमला देवी अपने पति के साथ पूरनपुर दवाई लेने के लिए गए थे जो करीब 4:30 बजे अपने गांव वापस आ रहे थे तभी घुंघचाई चौकी से महज 1 किलोमीटर दूर दो सेमल के पास बाइक सवार बदमाशों ने महिला के कान के कुंडल सोने के नोचलिए जिस पर महिला और उसका पति बदमाशो के पीछे बाइक लगाकर चल पड़ा लेकिन तेज गति के कारण उनका सुराग नहीं लग सका।। पुलिस ने इस मामले में कल एक ग्रामीण को धर दबोचा। देर रात तक समझौते की प्रक्रिया चली बताते हैं कि ₹5000 देकर के महिला को संतुष्ट कर दिया गया और घटनाक्रम को दबाने के लिए पुलिस ने भरसक प्रयास किए। इस मामले में पूर्व की वारदातें इसी तरीके से दवाई गई हालांकि पुलिस द्वारा कुंडल छीनने जैसी घटनाओं को रोकथाम के लिए पुलिस की गस्त दिन में लगाई गई जो लगी हुई थी पर थी लेकिन बाइक सवार उचक्के इतने हमलावर हैं कि पुलिस की ड्यूटी होने के बावजूद ऐसे घटनाक्रम को अंजाम दे दिया। एक आरोपित को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया बाद में सुलह समझौता कर पीड़िता को ₹5000 पुलिस द्वारा दिलवा दिए गए ।

चौकी प्रभारी मंगल सिंह से जब वार्ता करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं रिसीव किया। इससे पहले भी तीन घटनाएं कुंडल चुनौती की हो चुकी हैं जिसको कार्रवाई में अंजाम देने से चौकी प्रभारी ने बेहद गुरेज किया जिस पर सवालिया निशान लोगों द्वारा उठाए जा रहे हैं।


