टीएमयू में खेती की आधुनिक तकनीक से रूबरू हुए अन्नदाता

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंस में आगरा और मेरठ के करीब 60 प्रगतिशील काश्तकारों का भ्रमण, केन्द्र सरकार की ओर से प्रोत्साहित नैनो यूरिया का गेहूं और सरसों पर रिसर्च जारी

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंस में आगरा और मेरठ के विभिन्न क्षेत्रों के करीब 60 प्रगतिशील किसानों ने भ्रमण किया। इस मौके पर कॉलेज के डीन प्रो. प्रवीन कुमार जैन ने किसानों को महाविद्यालय के विभिन्न विभागों और उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत के विभिन्न सूबों के विद्यार्थी अध्ययन के लिए टीएमयू एग्रीकल्चर कॉलेज में प्रवेश लेते हैं। यहां पर पठन-पाठन के साथ प्रायोगिक शिक्षा पर विशेष फोकस रहता है। कॉलेज में विभिन्न फसलों पर रिसर्च हो रहा है। ये किसान यूनिवर्सिटी के कैंपस में स्थित एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी फार्म में करीब दो घंटे रूके। कृषि वैज्ञानिक डॉ. बलराज सिंह ने जायद में उगाई जाने वाली सब्जी के विशेष महत्व, हाईटेक नर्सरी, पॉली हाउस में बिन मौसम के विभिन्न सब्जियों का उत्पादन और प्रबंधन करके आय को बढ़ाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इन्होंने टीएमयू के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सिंह से तमाम टेक्निकल सवाल भी पूछे।

फैकल्टी डॉ. उपासना ने वर्तमान के बदलते परिवेश में संतुलित आहार की कमी से होने वाली बीमारियों और पौष्टिक भोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. आनन्द मदने ने गेहूं और सरसों की रिसर्च के बारे में किसानों को बताया। केन्द्र सरकार की ओर से प्रोत्साहित नैनो यूरिया का महाविद्यालय में गेहूं और सरसों पर भी रिसर्च प्रगति में है। डॉ. सच्चिदानन्द सिंह ने बताया, किसानों को सतत उगाई जा रही फसलों के अलावा मिलेट्स को कम लागत में अधिक उत्पादन लेने को कहा, जो हमारे शरीर और मिट्टी को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। कार्यक्रम में प्रो. महेश, डॉ. नेहा, डॉ. मनदीप रावत, जार्ड के डायरेक्टर डॉ. मेंहदी रत्ता, ओपी सिंह के साथ-साथ किसान  देवराम,  गिरिजा सिंह, लाल सिंह, रामसहाय, साहब सिंह,  महीपाल,  देवेन्द्र,  कृष्ण कुमार,  राहुल परिहार, गौतम सिंह,  महावीर सिंह,  बस्ती राम,  अमल कौशिक,  ओमकार,  देवेन्द्र त्यागी आदि उपस्थित रहे।

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