पूरनपुर मिल के सुरक्षित क्षेत्र में एलएच मिल ने झटके 31 सेंटर, पलिया का सूपड़ा साफ

पूरनपुर। दि किसान सहकारी चीनी मिल के सुरक्षित क्षेत्र में इस बार पीलीभीत स्थित ललित हरी चीनी मिल पूरी तरह से हावी रहेगी क्योंकि गन्ना आयुक्त ने पूरनपुर के 31 गन्ना क्रय केंद्र इस बार एलएच मिल को अलाट कर दिए हैं। पूरनपुर क्षेत्र से पलिया चीनी मिल का पत्ता बिल्कुल साफ कर दिया गया है। भुगतान फसने के कारण इस चीनी मिल को गन्ना देने को किसान तैयार नहीं थे। पूरनपुर चीनी मिल को काफी कम गन्ना दिया गया है जिस पर भी कई सवाल उठ रहे हैं।
प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने गत दिवस गन्ना सेंटरों का आवंटन करते हुए सुरक्षण आदेश जारी किया है। जिसके अनुसार इस बार पूरनपुर चीनी मिल को संकुचित करते हुए काफी कम गन्ना दिया गया है। जबकि इस मिल के क्षेत्र में गन्ना लेने के लिए दर्जनभर सेंटर लगाने वाली पलिया चीनी मिल को इस बार एक भी क्रय केंद्र एलाट नहीं किया गया है। मकसूदापुर चीनी मिल के कई सेंटर कम कर दिए गए हैं। बरखेड़ा मिल को भी बहुत कम यानी नाम मात्र को ही सेंटर मिले हैं जबकि सब पर भारी पीलीभीत स्थित ललित हरि चीनी मिल रही है। इस मिल को इस बार कुल 31 क्रय केंद्र देकर नंबर वन बना दिया गया है। इस चीनी मिल को गन्ना देने में किसानों को भी कोई आपत्ति नहीं थी क्योंकि एलएच मिल का भुगतान सबसे अच्छा माना जा रहा है। भुगतान के मामले में गुलरिया चीनी मिल भी ठीक बताई जा रही है परंतु उस मिल के क्रय केंद्र फिलहाल नहीं बढ़ाए गए हैं। पूरनपुर मिल के सेंटर निजी मिलों को दिए जाने पर सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोग नाराज हैं परंतु अधिकारियों का मानना है कि सहकारी मिल को जितना गन्ना मिला है उसकी पेराई भी समय रहते हो जाये तो काफी अच्छा रहेगा। वही कुछ लोगों का कहना है कि अगर यही सब चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलें बिल्कुल समाप्त हो जाएंगी।

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