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राम वन गमन पदयात्रा : 42 वें दिन मध्य प्रदेश के कुरई पहुंची वाटर वूमेन शिप्रा पाठक, जगह जगह हो रहा स्वागत सत्कार

लगभग 1500 किमी के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के जंगलों को पार कर महाराष्ट्र सीमा के निकट पहुंची वाटर वूमेन शिप्रा की राम जानकी वन गमन पद यात्रा, जगह जगह हो रहा है स्वागत

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https://youtu.be/_NvtGGYWXPo?si=JXelN0huv9N4MTlQ

इस समय देश दुनिया के लोग भगवान श्री राम जी के नव निर्मित मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या आ रहे हैं परंतु उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद की निवासी शिप्रा पाठक अयोध्या से राम वन गमन पथ पर

रामेश्वरम तक की पदयात्रा पर निकली हुई हैं। 27 नवंबर 2023 को अयोध्या से राम नाम का संकल्प लेकर निकलीं वाटर वूमेन शिप्रा पाठक की राम जानकी वन गमन पद यात्रा आज 42 वें दिन मध्य प्रदेश के सिवनी से चलकर कुरई पहुंची। जहां भव्य स्वागत सत्कार हो रहा है।

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राम जानकी की आस्था को अपना संकल्प मान कर शिप्रा के मध्यप्रदेश की कुरई पहुंचने पर रामभक्तों ने ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया।

शिप्रा की सरयू से सागर नाम से जानी जा रही इस 4000 किमी की पदयात्रा को पूरे भारत में भक्ति, अध्यात्म और पर्यावरण की दृष्टि से देखा जा रहा है।जहां एक तरफ अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भी पद यात्रा का उत्साहित होकर जगह जगह राम भक्त स्वागत कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर प्रकृति प्रेमी भी जल संरक्षण के लिए वाटर वूमेन के कार्यों से प्रभावित होकर पदयात्रा में भाग ले रहे हैं।

https://youtu.be/_NvtGGYWXPo?si=JXelN0huv9N4MTlQ

शिप्रा अपनी पंच तत्व संस्था के माध्यम से भारत भर में जल, जंगल नदी संरक्षण के लिए कार्य करने के लिए जानी जाती हैं।

अपनी इस कड़ी में शिप्रा मध्य प्रदेश की नर्मदा एवम शिप्रा नदी की पैदल यात्रा के अलावा उत्तर प्रदेश की आदि गंगा गोमती, सरयू, मंदाकिनी की पैदल यात्रा कर नदियों के किनारों पर समय समय पर पौधारोपण का कार्य कर उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करती हैं।

शिप्रा पाठक की इस पद यात्रा का मुख्य उद्देश्य
आज के युवाओं को भगवान राम जानकी के पूजन से ज्यादा उनके कार्यों को आत्मसात करने के अलावा राम जानकी वन गमन पथ को रामायणकालीन हरा भरा करने का है। इसके लिए वे जगह जगह लोगों के सहयोग से राम जानकी वाटिका भी स्थापित कराएंगी। वाटर वूमेन शिप्रा ने रामभक्तों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि राम वन गमन पथ पर आज भी राम तत्व है जिसे उन्होंने स्वयं महसूस किया है।

उनकी इस यात्रा को भगवान राम का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त है जिसकी सहायता से ही इतना बड़ा संकल्प पूरा हो रहा है।शिप्रा के स्वागत में रामभक्तों ने जगह जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया।जानकी माता के प्रति शिप्रा का भक्ति भाव देखते हुए सिवनी में प्रवेश करते ही सकड़ों महिलाओं ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया। पूछे जाने पर महिलाओं ने बताया सोशल मीडिया द्वारा उनके आने की सूचना प्राप्त होने पर दीदी से हम लोगों ने संपर्क किया तब कार्यक्रम पता चला।

शिप्रा पाठक की पद यात्रा का अगला पड़ाव महाराष्ट्र की सीमा में प्रवेश कर रामटेक होगा। शिप्रा की ये पैदल यात्रा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़

महाराष्ट्र कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश होकर रामेश्वरम तमिलनाडु के जंगलों से होते हुए निकल रही है।

https://youtu.be/_NvtGGYWXPo?si=JXelN0huv9N4MTlQ

वाटर वूमेन शिप्रा पाठक की पद यात्रा 27 नवंबर को अयोध्या से प्रारंभ होकर सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, चित्रकूट, उमरिया, सतना, शहडोल, जबलपुर आदि मुख्य स्थानों से होते हुए महाराष्ट्र की सीमा के

निकट पहुंच गई है। पद यात्रा के दौरान शिप्रा पाठक का जगह जगह राम भक्तों द्वारा भव्य स्वागत हो रहा है। इससे पहले गत वर्ष शिप्रा पाठक पीलीभीत के माधोटांडा स्थित गोमती उद्गम स्थल से गोमती की कैथी घाट तक 990 किलोमीटर की पदयात्रा कर चुकी हैं। नर्मदा नदी की परिक्रमा भी शिप्रा पाठक ने की है।

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